छत्तीसगढ़

दुर्ग पुलिस ने कोर्ट मोहर्रिर-आरक्षकों की बैठक का आयोजन

Shantanu Roy
10 Jan 2026 11:46 PM IST
दुर्ग पुलिस ने कोर्ट मोहर्रिर-आरक्षकों की बैठक का आयोजन
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Durg. दुर्ग। जिले में कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण के सुदृढ़ प्रबंधन के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग विजय अग्रवाल ने समस्त कोर्ट मोहर्रिर एवं आरक्षकों की बैठक आयोजित की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य चिन्हित अपराध योजना के अंतर्गत चयनित अपराधों में जमानत निरस्तीकरण प्रक्रिया एवं प्राथमिकी से लेकर अंतिम विचारण तक की पूरी जानकारी सुनिश्चित करना था। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कोर्ट मोहर्रिर एवं आरक्षकों को निर्देश दिए कि वे चयनित अपराधों में दर्ज प्रथम सूचना पत्र से लेकर अंतिम विचारण तक सभी
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विवरणों का रिकॉर्ड रखें और संबंधित अपराधों के रजिस्टर का सही संधारण सुनिश्चित करें। इसके साथ ही उन्होंने विशेष रूप से निगरानी में रखे गए गुंडा-बदमाशों, गंभीर अपराधों में संलिप्त आरोपियों तथा चिन्हित अपराध मामलों में जमानत निरस्तीकरण प्रक्रिया की पूरी जानकारी रखने के महत्व पर बल दिया।
एसपी विजय अग्रवाल ने बैठक में कहा कि जमानत निरस्तीकरण प्रक्रिया कानून और न्यायिक दिशा-निर्देशों के अनुरूप होनी चाहिए। इसके तहत ऐसे आरोपी जिनके खिलाफ गंभीर अपराधों की एफआईआर दर्ज है, उन्हें जमानत देने या निरस्त करने की पूरी जानकारी संबंधित अदालतों को समय पर उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि कोर्ट मोहर्रिर और आरक्षक इस प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाते हैं और उनकी सतर्कता से ही अपराधियों पर प्रभावी निगरानी संभव है। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मणि शंकर चंद्रा समेत जिले के समस्त थाना और चौकी स्तर के कोर्ट मोहर्रिर एवं आरक्षक उपस्थित थे। वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि चिन्हित अपराध योजना के तहत विशेष रूप से उन अपराधों पर ध्यान दिया जा रहा है जो लगातार रिपोर्ट होने वाले और गंभीर प्रकृति के हैं। इसमें चोरी, डकैती, नशा तस्करी, हिंसक अपराध और आपराधिक गिरोहों से जुड़े मामले शामिल हैं।
बैठक के दौरान एसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी आरक्षकों और मोहर्रिरों को संबंधित अपराधों के रजिस्टर समय-समय पर अपडेट करने होंगे और किसी भी प्रकार की अनियमितता या विवरणों की कमी नहीं रहने दी जाएगी। उन्होंने कोर्ट मोहर्रिरों को निर्देश दिए कि वे अदालत और पुलिस विभाग के बीच सूचना प्रवाह सुचारू बनाएं ताकि किसी भी आरोपी की जमानत या निरस्तीकरण से संबंधित प्रक्रिया में कोई विलंब या त्रुटि न हो। एसपी विजय अग्रवाल ने बैठक में समस्त उपस्थित कर्मचारियों को इस बात का भी निर्देश दिया कि अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए नियमित निरीक्षण और अपडेट आवश्यक हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसा करने से न केवल अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी बल्कि जनता का पुलिस पर विश्वास भी बढ़ेगा। इस बैठक के माध्यम से दुर्ग पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया कि जिले में अपराध नियंत्रण के लिए सिस्टमेटिक प्रक्रिया अपनाई जा रही है और जमानत निरस्तीकरण से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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